
इंडिया के ज्यादातर उच्च शिक्षण संस्थानों में UG, PG, M.PHIL, PHD के विद्यार्थियों की संख्या क्रमशः घटते क्रम में होती है।
लेकिन JNU में यह क्रम उल्टा रहता है। यहां At a Time 5000 छात्र “रिसर्च” करते रहते है जिसके बदले सरकार फेलोशिप देती है। बस यह मत पूछना “रिसर्च” कौनसी करते है तथा वह देश के किस तरह से काम आती है।
JNU के एक छात्र पर सालाना होने वाला सरकारी खर्चा 5 लाख रुपये से ऊपर है। सरकार देश मे प्रति छात्र सबसे अधिक खर्च यहीं करती है। IITs से भी ज्यादा प्रति छात्र सब्सिडी यहीं दी जाती है।
सरकार अगर इस संस्थान को बंद नहीं करती है तो यह माना जायेगा कि सरकार भी इन लोगों से मिली हुई है। साल में 5-7 बार जो नौटंकी होती है वह प्रायोजित होती है।